अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 218 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
पिछले 21 मिडटर्म चुनावों में से 19 बार राष्ट्रपति की पार्टी हारी है। केवल 1998 बिल क्लिंटन और 2002 में जॉर्ज बुश की पार्टियों ने जीत दर्ज की थी।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स
हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 226 सीटों पर आगे चल रही है। राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 136 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 30 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं।
इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 19 और रिपब्लिकन पार्टी ने 11 सीटें जीती हैं। बाकी 5 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 53 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 42 सीटें हैं।
कुल 36 सीटों में से 26 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 17 डेमोक्रेट्स और 9 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 10 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।
ओबामा बोले- देश को बांटने नहीं जोड़ने वाले नेता चाहिए
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने साफ संदेश दिया है। लोग ऐसी राजनीति चाहते हैं जो देश को बांटने के बजाय लोगों को जोड़े।
ओबामा ने कहा कि ट्रम्प सरकार के पास अभी दो साल और हैं। ऐसे में डेमोक्रेट्स को जहां भी बदलाव करने का मौका मिले, वहां काम करना चाहिए। उन्हें आगे होने वाले नुकसान को रोकने और देश के भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से फिर जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को हराया। अमेरिकी न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने भी उनकी जीत की पुष्टि की है। यह रो खन्ना की लगातार छठी जीत है।
रो खन्ना 2017 से अमेरिकी संसद के निचले सदन के सदस्य हैं। वह चीन की नीतियों, तकनीक, व्यापार और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। रितेश टंडन इससे पहले 2020 और 2022 में भी उनके खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।










