भारतीय सेना का स्वर्णिम इतिहास बताएगा यह म्यूजियम

चित्तौडगढ भारतीय सेना का अपने आप में एक स्वर्णिम इतिहास है, ऐसे में इसी इतिहास एवं देशभक्ति की अलग-अलग कहानियां है, इन्हीं कहानियों एवं सेना के स्वार्णिम इतिहास से नई पीढी को रूबरू कराने के लिए यहां चित्तौडगढ के निकट गंगरार में स्थापित मेवाड यूनिवर्सिटी में एक अनोखा म्यूजियम तैयार किया जा रहा है; जो जो थल, जल एवं वायु सेना के गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए है।

Sep 12, 2023 - 18:06
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भारतीय सेना का स्वर्णिम इतिहास बताएगा यह म्यूजियम
भारतीय सेना का स्वर्णिम इतिहास बताएगा यह म्यूजियम

चित्तौडगढ भारतीय सेना का अपने आप में एक स्वर्णिम इतिहास है, ऐसे में इसी इतिहास एवं देशभक्ति की अलग-अलग कहानियां है, इन्हीं कहानियों एवं सेना के स्वार्णिम इतिहास से नई पीढी को रूबरू कराने के लिए यहां चित्तौडगढ के निकट गंगरार में स्थापित मेवाड यूनिवर्सिटी में एक अनोखा म्यूजियम तैयार किया जा रहा है; जो जो थल, जल एवं वायु सेना के गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए है।

 https://youtube.com/@AakshGangaNews?si=9LrTX_hbhUY-EJ2w  मेवाड़ यूनिवर्सिटी प्रशासन कैम्पस में सेना का स्वर्णिम इतिहास और शूरवीरों के बलिदानों को दर्शाते हुए एक डिफेंस म्यूजियम बना रहा है। इस संग्रहालय में भारतीय सेना थल सेना, नौ सेना और वायु सेना के साथ अन्य पैरामिलिट्री फोर्सेस व एनसीसी की अब तक की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा म्यूजियम में सबमरीन, टैंक, एयरक्राफ्ट्स और आधुनिक हथियारों के मॉडल भी रखे जाएंगे ताकि स्टूडेंट्स को भारतीय सेना की दुनिया के स्तर पर सक्षमता के बारे में ज्ञानवर्द्धन हो सकें।       
     मेवाड़ यूनिवर्सिटी की आर्ट एवं कल्चर तथा म्युजियम की महानिदेशिक डॉ.   चित्रलेखा सिंह ने बताया कि म्यूजियम में स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व और बाद में, भारतीय सेना ने जितने युद्ध लड़े है उन सबकी रोचक घटनाएं और यु़द्ध के परिणामों को बताया जाएगा। जैसे 1947 में भारत-पाकिस्तान यु़द्ध, 1962 में भारत-चाइना युद्ध, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और कारगिल यु़द्ध के बारे में पूरी जानकारी स्टूडेंट्स ोइस म्यूजियम में मिलेगी। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोगों को यह नहीं पता है कि थल सेना में कितनी रेजिमेंट होती है। म्यूजियम में भारत की सभी रेजीमेंट के इतिहास और इनसे जुडे शूरवीर अधिकारियों व जवानों की घटनाओं की जानकारी भी मिलेगी। साथ ही जिन शूरवीरों को परमवीर चक्र, महावीर चक्र, अशोक चक्र, शौर्य चक्र, कीर्ति चक्र आदि मिला है उनके बारे में भी विस्तार से म्यूजियम में बताया गया है। सग्रहालय को चार हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें थल सेना, नौ सेना, वायु सेना और पैरामिलिटी फोर्सेस (बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ आईटीबीपी, आरपीएफ, एसएसबी), एनसीसी का इतिहास समाहित किया गया है। मेवाड़ यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. अशोक कुमार गदिया का कहना है कि इस संग्रहालय को बनाने का मकसद स्टूडेंट्स को सेना का गौरवपूर्ण इतिहास बताने के साथ उनके प्रति सम्मान का भाव पैदा करना है ताकि वे भविष्य में सेना और पैरामिलिट्री फोर्स में अपना कॅरियर बनाकर देश के सुदृढीकरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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Avinash chaturvedi

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I'm Avinash, a dedicated news editor with a keen eye for storytelling and a passion for staying ahead of the latest developments. Armed with a background in journalism and a knack for uncovering hidden gems of information, I strive to present news in an engaging and informative manner. Beyond the headlines, I'm an avid [Hobbies/Interests], and I believe that every story contributes to the rich tapestry of our world. Join me as we dive into the dynamic world of news and discover the stories that shape our lives.