चेक अनादरण के मामले में 1 साल की कारावास आर्थिक दंड की सजा
चेक अनादरण के मामले में 1 साल की कारावास आर्थिक दंड की सजा

चेक अनादरन के मामले में आरोपी को 1 वर्ष की सजा 4 लाख 50000 हजार रुपए प्रतीकर राशि से दंडित
परिवादी सौरभ गुप्ता पिता अरविंद कुमार गुप्ता निवासी गांधीनगर व अभियुक्त फिर्दोष खान पिता लियाकत खान निवासी कुंभा नगर के बीच अच्छी जान पहचान होने से अभियुक्त को रूपयों की आवश्यकता होने पर अभियुक्त ने दिनांक 15.1.2014 को परिवादी सौरव गुप्ता से ₹300000 नकद उधार प्राप्त किया उसकी अदायगी के बदले अभियुक्त ने अपने बैंक खाता यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया शाखा चित्तौड़गढ़ का एक चेक तीन लाख रुपए राशि का भर कर दिया उक्त चेक को परिवादी द्वारा भुगतान प्राप्त करने हेतु नियमानुसार निर्धारित तिथि पर प्रस्तुत किया जो चेक अनादरित हो जाने से परिवादी ने अपने अधिवक्ता एडवोकेट ओमप्रकाश शर्मा, राजेंद्र सिंह चौहान, सत्यनारायण माली, के जरिए न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया दौरान ने परिवाद सुनवाई के तहत न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रमांक 2 के पीठासीन अधिकारी श्रीमान सिद्धार्थ सांदु ने प्रकरण की नियमानुसार सुनवाई दोनों पक्षों के गवाह, सबूत, दस्तावेज आदि का अवलोकन कर बहस सुनकर दिनांक 30 नवंबर 2024 को अंतिम निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त फिर्दोष खान पिता लियाकत खान निवासी कुंभा नगर को धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत दोषी घोषित किया जाकर अभियुक्त फिर्दोष खान को 1 वर्ष की सजा, व 4 लाख 50000 रुपए के प्रतिकर राशि से दंडित किए जाने की सजा सुनाई अदम आएगी एक महीने का अतिरिक्त कारावास का निर्णय पारित किया गया
What's Your Reaction?






